Jaishankar said- my father was in the hijacked IC814 | जयशंकर बोले- हाइजैक हुए IC814 में मेरे पिता थे: हाईजैकर्स से डील कर रही टीम में था, मां से कहा था- अभी घर नहीं आउंगा


1 मिनट पहले

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विदेशमंत्री जयशंकर दो दिवसीय स्विट्जरलैंड दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। - Dainik Bhaskar

विदेशमंत्री जयशंकर दो दिवसीय स्विट्जरलैंड दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कंधार हाइजैक पर बनी फिल्म IC 814 पर बयान दिया। जयशंकर ने बताया कि वे उस टीम का हिस्सा थे जो हाइजैकर्स से डील कर रही थी।

जयशंकर ने कहा, हाइजैक के 3-4 घंटे बाद मैंने अपनी मां को फोन किया मैनें उन्हें बताया कि प्लेन हाइजैक हुआ है, मैं घर नहीं आ सकता। तभी मुझे ये भी पता चला कि मेरे पिता उस फ्लाइट में हैं। जेनेवा में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा कि उन्होंने नेटफलिक्स सीरीज नहीं देखी है। इसलिए वे इस पर कमेंट नहीं कर सकते।

दरअसल जयशंकर से जेनेवा में एक कार्यक्रम के दौरान नेटफलिक्स सीरीज IC 184 पर हो रही कंट्रोवर्सी पर सवाल किया था। इस पर जयशंकर ने कहा कि उन्होंने सीरीज नहीं देखी है। इसलिए वे इस पर कमेंट नहीं कर सकते।

जयशंकर ने कहा कि एक तरफ मैं उस टीम में था जो हाइजैकर्स से डील कर रही थी। वहीं, मैं उन फैमिली मेंबर्स की उस टीम में भी था जो सरकार पर दबाव डाल रही थीं।

जयशंकर ने जिनेवा में भारत के नए UN स्थायी मिशन के कार्यालय का उद्घाटन भी किया।

जयशंकर ने जिनेवा में भारत के नए UN स्थायी मिशन के कार्यालय का उद्घाटन भी किया।

विवादों में घिरी थी IC 814 सीरीज IC 814- द कंधार हाईजैक में आतंकियों के हिंदू नामों पर विवाद था और इसे बैन करने की मांग की गई थी। इस पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने नेटफ्लिक्स को नोटिस भेजकर सफाई मांगी। इसके बाद 3 सितंबर को नेटफ्लिक्स की इंडिया कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल मंत्रालय पहुंचीं।

सीरीज में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट को हाईजैक करने वाले आतंकी, पूरी घटना के दौरान रियल नामों की बजाय, कोड नेम जैसे बर्गर, चीफ, शंकर और भोला इस्तेमाल करते नजर आए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने ‘IC 814’ में हाईजैकर्स के हिंदू नामों को लेकर आपत्ति जताई। आरोप लगाया कि ये आतंकवादियों के रियल नाम छिपाने की कोशिश है।

IC 814 सीरीज 29 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई।

IC 814 सीरीज 29 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई।

आखिर क्या क्या था कंधार हाईजैक का पूरा मामला? ​​1999 में इंडियन एयरलाइन्स के IC-814 प्लेन को नेपाल से हाईजैक कर लिया गया था। आतंकी इसे काठमांडू से अमृतसर और लाहौर के बाद अफगानिस्तान के कंधार ले गए थे। वहां 179 पैसेंजर्स की सेफ रिहाई के बदले आतंकियों ने मौलाना मसूद अजहर, सैयद उमर शेख और मुश्ताक अहमद जरगर की रिहाई की शर्त रखी थी।

काठमांडू से प्लेन को हाईजैक करने के बाद अमृतसर में उतारा गया, लेकिन कुछ दिक्कतों के चलते फ्यूल नहीं भरा जा सका। 25 मिनट के इंतजार के बाद मिस्त्री जहूर इब्राहिम ने चाकू से गोदकर पैसेंजर रूपिन कात्याल की हत्या कर दी। इसके बाद हाईजैकर्स फ्यूल भरवाने लाहौर की ओर बढ़ गए।

हाईजैकर्स ने शुरुआत में मौलाना मसूद अजहर के अलावा जेल में बंद 35 आतंकियों को छोड़ने और 20 करोड़ डॉलर की फिरौती की मांग की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने फिरौती की मांग छोड़ दी और तीन आतंकियों की रिहाई का सौदा किया। इसके बाद 31 दिसंबर को पैसेंजर्स की रिहाई हुई, जिन्हें स्पेशल प्लेन से वापस लाया गया।

2001 के पार्लियामेंट हमले का प्राइम सस्पेक्ट है मसूद अजहर इसी मसूद अजहर ने 2000 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद बनाया था। यह भी आरोप लगता रहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI जैश के आकाओं की मदद करती है। 2001 में पार्लियामेंट में हुए आतंकी हमले में अजहर प्राइम सस्पेक्ट था। उस वक्त पाकिस्तान ने अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे भारत को सौंपने से इनकार कर दिया था।

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